पुरानी कहावतें/शेर/दोहे
नये संदर्भ में:
पुरानी कहावत:
घर घर मिट्टी के चूल्हे हैं।
नये संदर्भ में:
घर घर गैस के चूल्हे हैं।
पुरानी कहावत:
गुड़ खाएं, गुलगुले से परहेज़ करें
नये संदर्भ में:
केक खाएं, अंडे से परहेज़ करें।
पुरानी कहावत:
थोड़ा पढ़ा तो हर से गया,
ज्यादा पढ़ा तो घर से गया।
नये संदर्भ में:
थोड़ा पढ़ा तो शहर से गया,
ज्यादा पढ़ा तो देश से गया।
पुराना शेर:
उम्रे दराज मांग कर लाए थे चार दिन,
दो आरजू में कट गए दो इंतजार में।
नये संदर्भ में:
वोटर मांग लाए थे संसद के चार दिन,
दो हंगामे में कट गए दो 'वाक आऊट ' में।
पुराना शेर:
दिल में छुपा के रखी है तस्वीर यार की,
जब जी चाहा गरदन झुकाई तस्वीर देख ली।
नये संदर्भ में:
मोबाइल में 'सेव' कर ली है तस्वीर यार की,
जब जी चाहा बटन दबाया तस्वीर देख ली।
पुराना शेर:
हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन
दिल के बहलाने को ग़ालिब ये ख्याल अच्छा है।
नये संदर्भ में:
हमको मालूम है तेरे 'प्रोफाइल' की हकीकत लेकिन
दिल के बहलाने को 'सोशल मीडिया ' अच्छा है।
पुराना दोहा:
जो तो को कांटा बोए ताय बोए तू फूल,
तो को फूल के फूल हैं बाको हैं तिरशूल।
नये संदर्भ में:
जो तो को कांटा बोए बाय बोए तू भाला,
वो भी साला समझ जाय अब पड़ा जबर से पाला।
पुराना दोहा:
ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए,
औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय।
नये संदर्भ में:
ऐसी वाणी बोलिए जम कर झगड़ा होए
पर वा सें कबंहु न बोलिए जो आपसे तगड़ा होए।
पुराना दोहा:
सांई इतना दीजिए जामें कुटुंब समाय
मैं भी भूखा ना रहूं साधु ने भूखा जाय।
नये संदर्भ में:
सांई इतना दीजिए, सौ पुश्तें तरह जाएं
मैं भी खाऊं बैठ कर, बैठ पीढि़यां खाएं।
पुराना दोहा:
रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून,
पानी बिना न ऊबरे, मोती मानुष चूना।
नये संदर्भ में:
रहिमन पैसा राखिए, बिन पैसे सब सून,
पैसा बिना न मिलते हैं, मोती मानुष चून।
- सुरेन्द्र हयारण "ग्वालियरी "
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