गुरुवार, 12 अक्टूबर 2023

पुरानी कहावतें/शेर/दोहे

 पुरानी कहावतें/शेर/दोहे

नये संदर्भ में:


पुरानी कहावत: 

घर घर मिट्टी के चूल्हे हैं।


नये संदर्भ में: 

घर घर गैस के चूल्हे हैं।


पुरानी कहावत:

गुड़ खाएं, गुलगुले से परहेज़ करें


नये संदर्भ में:

केक खाएं, अंडे से परहेज़ करें।


पुरानी कहावत:

थोड़ा पढ़ा तो हर से गया,

ज्यादा पढ़ा तो घर से गया।


नये संदर्भ में:

थोड़ा पढ़ा तो शहर से गया,

ज्यादा पढ़ा तो देश से गया।


पुराना शेर:

उम्रे दराज मांग कर लाए थे चार दिन,

दो आरजू में कट गए दो इंतजार में।


नये संदर्भ में:

वोटर मांग लाए थे संसद के चार दिन,

दो हंगामे में कट गए दो 'वाक आऊट ' में।


पुराना शेर:

दिल में छुपा के रखी है तस्वीर यार की,

जब जी चाहा गरदन झुकाई तस्वीर देख ली।


नये संदर्भ में:

मोबाइल में 'सेव' कर ली है तस्वीर यार की,

जब जी चाहा बटन दबाया तस्वीर देख ली।


पुराना शेर:

हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन

दिल के बहलाने को ग़ालिब ये ख्याल अच्छा है।


नये संदर्भ में:

हमको मालूम है तेरे 'प्रोफाइल' की हकीकत लेकिन

दिल के बहलाने को 'सोशल मीडिया ' अच्छा है।


पुराना दोहा:

जो तो को कांटा बोए ताय बोए तू फूल,

तो को फूल के फूल हैं बाको हैं तिरशूल।


नये संदर्भ में:

जो तो को कांटा बोए बाय बोए तू भाला,

वो भी साला समझ जाय अब पड़ा जबर से पाला।


पुराना दोहा:

ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए,

औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय।


नये संदर्भ में:

ऐसी वाणी बोलिए जम कर झगड़ा होए

पर वा सें कबंहु न बोलिए जो आपसे तगड़ा होए।


पुराना दोहा:

सांई इतना दीजिए जामें कुटुंब समाय

मैं भी भूखा ना रहूं साधु ने भूखा जाय।


नये संदर्भ में:

सांई इतना दीजिए, सौ पुश्तें तरह जाएं

मैं भी खाऊं बैठ कर,  बैठ पीढि़यां खाएं।


पुराना दोहा:

रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून,

पानी बिना न ऊबरे, मोती मानुष चूना।


नये संदर्भ में:

रहिमन पैसा राखिए, बिन पैसे सब सून,

पैसा बिना न मिलते हैं, मोती मानुष चून।


         - सुरेन्द्र हयारण "ग्वालियरी "

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें