बुधवार, 1 दिसंबर 2021

एड्स दिवस 1 दिसम्बर 2021

 " सुरक्षित यौन संबंध बनाये ,जांचा परखा रक्त चढ़ाए।

   छूने से ये नहीं फैलता , याद हमेशा तुम ये रखना ।।

  एड्स को समझों , एड्स को जानो , एड्स क्या है ? तुम पहचानो ।" 

               --  एड्स जागरूकता नारा नाको ( राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ) द्वारा


विश्व एड्स ( AIDS ) दिवस १ दिसम्बर पर एक लेख प्रस्तुत है - 


एड्स को पूरो नाम ' एक्वार्ड डिफिसिएन्सी सिन्ड्रोम ' हैगो। और जो रोग एचआईवी ( ह्यूमन इम्यूनो डिफेसिएनसी वायरस )  नाम के वायरस से फैलत हैगो। 

जो बीमारी भौत खतरनाक बीमारी ( संक्रमित बीमारी ) हैगी , जा बीमारी से मानव की मृत्यु भी हो जात हैगी । 

अबे तक एड्स बीमारी कौ कोई इलाज नई बनौ , जा बीमारी से बचाव ही जा बीमारी कौ इलाज हैगों ।


एड्स कौ इतिहास - एड्स सबसे पहलो केस ( एड्स से पीड़ित रोगी ) का अध्ययन  कैलीफोर्निया ( अमेरिका ) और न्यूयार्क में सन् १९८१ में करौ।


एड्स फैलने के तीन कारण हैगे - 

१) असुरक्षित यौन ( सेक्स ) संबंध से।

२) रक्त ( खून ) के द्वारा  एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति को रक्त दान करने से  , संक्रमित सुइयों से ।

३) मां के द्वारा शिशु ( बच्चे को )


बचाव के उपाय - 

१) सुरक्षित यौन संबंध ।

२) रक्त दान के समय , रक्त की जांच करवाना । 

३) बच्चे और मां का उपचार करवाना ।


                   लेखक 

         किरण कुमार  ( अध्ययनरत छात्र ) 

        इन्दिरा गांधी यूनिवर्सिटी नयी दिल्ली ।



राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ( नाको ) की वेबसाइट - NACO AIDDS


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क्योकि यह पोस्ट बहुत अध्ययन करने के बाद हमने बनाई है ।

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