सोमवार, 25 मई 2020

समस्या चाहे कितनी भी बड़ी हो , उसका सामना धैर्यपूर्वक कीजिए ।

आज लाइव क्लास में हमारे प्राचार्य श्री डॉ केशव सिंह  जी( शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय पिछोर ) ने बहुत अच्छी प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद कहानी सुनाई   , कहानी को सुनकर अच्छा लगा ।

पेश है समस्या पर आधारित उसी  कहानी  के कुछ अंश --
 " एक कार चालक थे । वह अपने काम से दूसरी जगह कार से जा रहे थे। रास्ते में एक पुल पर से गुजरना पड़ता था ।  पुल पर ही महोदय की कार का एक पहिया पंचर हो गया , तो उन्होंने वही पर पंचर पहिये को जैक लगाकर खोला ।  और पहिये की स्टेपनी ( कार का दूसरा पहिया जो कार के अंदर रखा था ) उठाने गये ।
स्टेपनी को उठाकर आ रहे थे कि अचानक उस पहिये के नट ठोकर से नदी में गिर गये ।  अब वह बहुत परेशान होने लगे और एक नई समस्या उत्पन्न हो गई , कि  स्टेपनी को कैसे लगाया जाए ?
तभी वहां से एक सज्जन गुजर रहे थे  । सज्जन ने परेसान बैठे कार चालक से पूछा कि आप यहां क्यों बैठे हो ?
तो कार चालक ने अपनी समस्या का कारण बताया ।
 तो सज्जन व्यक्ति ने कहा कि वह कार के अन्य तीन पहियों का एक - एक नट खोलकर इस स्टेपनी में लगा दें । इस प्रकार उस कार चालक की समस्या का समाधान हो गया । "

 शिक्षा -  समस्या चाहे कितनी भी बड़ी हो , उसका समाधान जरूर होता है । बस हमें समस्या का सामना धैर्यपूर्वक करना चाहिए।

कहानी को पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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